नतीजा · 16 पर्सनैलिटी टेस्ट
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वह खंभा जिसका शुक्रिया भूल जाते हैं
आपने जो कहा वह करते हैं, जिस वक़्त कहा उसी वक़्त, हमेशा से — और अब यह किसी को प्रभावित नहीं करता; भरोसेमंद होने का यही श्राप है। दूसरों का तक़रीबन काम आप बरदाश्त नहीं कर पाते और आख़िर में चुपचाप उनका काम दोबारा कर देते हैं। बदलाव से आप नहीं डरते; बिना तैयारी के बदलाव से डरते हैं। जो काम आप चुपचाप सोख लेते हैं, उसे दिखने दें तो पहचान ज़्यादा मिलेगी।