नतीजा · सहानुभूति टेस्ट
🌊
बहुत सोखने वाला स्पंज
आप भावनाएँ पढ़ते नहीं, पकड़ लेते हैं। तनाव से भरा कमरा पहला शब्द बोले जाने से पहले आपका मन ख़राब कर देता है, और आप घर उन परेशानियों से निचुड़कर लौटते हैं जो आपकी नहीं हैं। यह सच्ची क्षमता है और सच्ची क़ीमत भी: बिना किसी छन्नी के यह संवेदनशीलता लगातार चलते शोर जैसी हो जाती है। अपनी ऊर्जा बचाना बेरुख़ी नहीं है, टिके रहने की शर्त है। अगर यह झेलना रोज़ भारी पड़ता है, तो किसी पेशेवर से बात करना काम का क़दम है, ज़्यादती नहीं।